अंदाज अपना अपना के दूसरे भाग के साथ लौटेगी सलमान और आमिर की जोड़ी बंगलुरु के इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी का भव्य आयोजन, कान्हा का 20 लाख के आभूषणों से होगा श्रृंगार किस्मत हो तो ऐसी, स्टेशन पर गाना गाने वाली महिला आज हिमेश की फिल्म में गा रही है गाना जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल के आवासीय परिसर समेत कई स्थानों पर ED का छापा अपने एजेंडे में कश्मीर रख मोदी का प्लान जानना चाहते है ट्रम्प इनकम टेक्स भरने से होते ये फायदे तमिलनाडु सरकार ने ISRO के अध्यक्ष के. सिवन को एपीजे अब्दुल कलाम पुरस्कार से किया सम्मानित इस लिए नहीं मिला रोहित और आश्विन को मौका : रहाणे डेविस कप के लिए अब भारत और पकिस्तान को नवम्बर तक होगा रुकना HC ने जारी किया भाजपा नेता विजेंद्र सिंह को नोटिस, बढ़ सकती है मुश्किलें तीन तलाक कानून के खिलाफ SC में दायर हुई याचिका, कोर्ट ने किया रोक लगाने से इनकार पिछले दो हफ्तों से आग में झुलस रहा है दुनिया का सबसे बड़ा जंगल अमेजन घर से आया खाना साथ ही देर रात तक सीबीआई ने करी पूछताछ कोंडागांव के परेशान गांववालों ने बनाया जुगाड़ का पुल गाजियाबाद: सीवर लाइन की सफाई करने उतरे 5 सफाई कर्मियों की मौत पिछले 5 सालो में 56 गुना बड़ी देता खपत के साथ 22 गुना हुआ सस्ता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिंदबरम CBI के सवालों से घिरे टीम इंडिया को धमकी देने वाला शख्श को लिया गया हिरासत में जन्माष्टमी के बारे में जानें सबकुछ सेंसेक्स 669 अंक लुढ़क, निफ्टी 193 प्वाइंट गिरकर 10750 के साथ हुआ बंद

भारत से इतनी हार के बाद भी परमाणु की रेस में भारत से आगे है पाकिस्तान

Deepak Chauhan 18-06-2019 16:42:40



दुनिया भर में पिछले साल परमाणु हथियरों की संख्या में कमी आई है। वहीं अब परमाणु हथियारों से संपन्न देश अपने इन हथियारों का आधुनिकीकरण कर रहे हैं, जिनमें चीन और पाकिस्तान भी शामिल है। सोमवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट से यह जानकारी मिली।

स्टॉकहोम अंतरराष्ट्रीय शांति अनुसंधान संस्थान (एसआईपीआरआई) के एक अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2019 की शुरुआत में अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, इजरायल और उत्तर कोरिया के पास करीब 13,865 परमाणु हथियार थे। यह संख्या 2018 के शुरुआत की तुलना में 600 कम है। वहीं अब परमाणु हथियारों से संपन्न देश अपने इन हथियारों का आधुनिकीकरण कर रहे हैं। चीन और पाकिस्तान अपने हथियारों की संख्या बढ़ाने में जुटे हैं।


पुराने हथियारों को खत्म करने का प्रावधान :

एसआईपीआरआई परमाणु हथियार नियंत्रण कार्यक्रम के निदेशक शैनन काइल ने बताया कि अब दुनिया कम लेकिन नए हथियार रखना चाहती है। हाल के वर्षों में परमाणु हथियारों में कमी का श्रेय मुख्यत: अमेरिका और रूस को दिया जा सकता है, जिनके पास कुल हथियार दुनिया के परमाणु हथियारों का 90 फीसदी से अधिक हैं। यह अमेरिका और रूस के बीच 2010 में नई स्टार्ट संधि के कारण संभव हो पाया। संधि के तहत तैनात हथियारों की संख्या सीमित रखने का प्रावधान है। साथ ही इसमें शीत युद्ध के समय के पुराने हथियारों को खत्म करने का भी प्रावधान है।


2021 में समाप्त हो जाएगी संधि : 

निदेशक शैनन काइल के मुताबिक, स्टार्ट संधि 2021 में समाप्त होने वाली है और यह बेहद चिंताजनक बात हैं क्योंकि वर्तमान में इसे विस्तारित करने के लिए कोई गंभीर चर्चा नहीं हो रही है।


किसके पास कितने परमाणु हथियार :

  • देश                 हथियार 
  • रूस                6,500
  • अमेरिका          6,185
  • फ्रांस                300
  • चीन                  290
  • ब्रिटेन                200
  • पाकिस्तान         150-160
  • भारत                130-140
  • इजरायल            80-90
  • उत्तर कोरिया       20-30 

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :