बजट पेशकश से पहले निर्मला सीतारमण की सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ बैठक दुनिया की सबसे बड़ी गन मार्केट में आज चलती है बड़ी लाइब्रेरी कांग्रेस पार्टी को रास नहीं आया राष्ट्रपति का भाषण, कही ये बात इस वर्ल्ड कप में OPPO दिखाया Reno 10x Zoom के कैमरे का दम बाबा साहेब अंबडेकर मेमोरियल सोसाइटी के अध्यक्ष ने लगायी फांसी 6 सांसद जिनके पदोन्नति के साथ रुतबा हुआ कम मैं खुद नहीं चुनूंगा अपना उत्तराधिकारी पार्टी खुद चुने अगला अध्यक्ष माँ की डाट के बाद 9 वीं कक्षा की छात्रा ने छोड़ा घर , लखनऊ मेल में मिली छात्रा इस वर्ल्ड कप में टीम इंडिया पर चढ़ेगा भगवा रंग मेरा स्टैंड अभी भी वही है, राफेल विमान सौदे में चोरी हुई है: राहुल गाँधी एएन-32 एयरक्राफ्ट के सर्च ऑपरेशन में 6 शव बरामद Big Boss के चाहने वालों के लिए अच्छी खबर, इस तारीख से शुरु हो रहा है शो ये है क्रिकेट का उच्च पड़ाव जहाँ 11 की बजाये 30 प्लेयर करते है फील्डिंग कोर्ट ने खारिज की प्रज्ञा ठाकुर की पेशी से परमानेंट छूट की अर्ज़ी अपने स्टैंड पर अटल राहुल गाँधी कहा राफेल में हुआ था घपला किसानों के लिए अच्छी खबर, सीधा संम्मान निधि योजना से कटेंगे पैसे क्या आपका Gmail अकाउंट हैक हो गया है ? ऐसे करें रिकवर ICC worldcup 2019 : धवन की जगह पंत खेलेंगे मैच , चोट लगने की वजह से हुए बाहर ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर दोगुना करेगी जुर्माना मोदी सरकार दिमाग तेज़ करने के लिए किन-किन चीज़ो का करे सेवन

चमकी बुखार से नहीं लो ब्लड शुगर से बच्चों की मौत : सरकार

Deepak Chauhan 13-06-2019 17:21:35



मुजफ्फरपुर  जिले में जानलेवा बीमारी चमकी-बुखार से मौत का सिलसिला बुधवार को भी बदस्तूर जारी रहा। बुधवार को चार बच्चों ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही पिछले 12 दिनों में मरनेवाले बच्चों की संख्या 64 पहुंच गई। 

एसकेएमसीएच व केजरीवाल अस्पताल में कुल मिलाकर 22 नए मरीजों को शाम पांच बजे तक भर्ती कराया गया। बीते 12 दिनों में 64 बच्चों की मौत हो चुकी है। वहीं कुल मिलाकर इस बीमारी से पीड़ित 176 मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि प्रशासन की बुलेटिन में ए आंकड़े अभी घट-बढ़ रहे हैं। पूरी संजीदगी से टीम डाटा अपडेट करने में भी लगी है। ताकि आगे केस हिस्ट्री के आधार पर बीमारी नियंत्रण को ब्लू प्रिंट तैयार किया जा सके। 


इधर, मौसम का रुख बदलने से डॉक्टर इस बीमारी के प्रकोप में कमी आने का अनुमान लगा रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच बुधवार को हुई बारिश बच्चों के लिए राहत भरी साबित हो सकती है। 


मुजफ्फरपुर पहुंची केंद्रीय टीम

इस बीच देर शाम में सात सदस्यीय केंद्रीय टीम हालात का जायजा लेने मुजफ्फरपुर पहुंची। टीम का नेतृत्व स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के सलाहकार डॉ.अरुण कुमार सिन्हा कर रहे थे। केंद्रीय टीम ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार के साथ विकास भवन स्थित कार्यालय में बैठक की। 

विभाग द्वारा इन क्षेत्रों में स्थित 222 प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों में बच्चों के इलाज की व्यवस्था की गयी है। बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों की पहचान अबतक नहीं की जा सकी है। चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा पूर्व में तैयार स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग सिस्टम (एसओपी) के तहत बच्चों की जांच व इलाज किया जा रहा है। इसके लिए सभी संबंधित क्षेत्र के पीएचसी में जांच किट एवं दवाएं उपलब्ध करायी गयी हैं। समय-समय पर इसकी समीक्षा भी की जा रही है। 


लक्षण : 

हंसते-खेलते बच्चे को अचानक तेज बुखार के साथ चमकी आने लगती है। इस स्थिति अधिकांश बच्चे तुरंत बेहोश या बेसुध हो जाते हैं। कभी-कभी डायरिया की भी स्थिति सामने आती है। बच्चे के शरीर में कंपन्न होने लगती है। रुक-रुक कर उसका शरीर झटका देता है। डॉक्टरों का मानना है कि बच्चे में अचानक शुगर व सोडियम की कमी से ऐसा होता है।  रात्रि 12 बजे के बाद व कई केस में सुबह तीन बजे भोर तक में भी यह समस्या देखी गई है।  


यह जरूर करें : 

अगर बच्चे को चमकी आने लगे और बेहोश हो जाए तो रात में ही किसी तरह से अस्पताल लेकर जाएं। ध्यान रखें अगर बच्चे  का इलाज सुबह चार बजे से आठ बजे के बीच शुरू हुआ तो बच्चे के स्वस्थ होने की संभावना बढ़ जाएगी।


हमेशा रखें इसका ख्याल 

अधिक गर्मी में कभी भी एक से लेकर 15 साल तक के बच्चे को भूखे न सोने दें

हो सके तो रात में चीनी का घोल पिला दें या  उपलब्ध रहने पर ओआरएस घोल पिलाएं

धूप में बच्चे को कम से कम जाने दें, बाग में खेलकूद की छूट भी बच्चों को न दें  

मौसमी फल बच्चों को खिलाएं, कोल्ड ड्रिंक व रेफ्रीजेरेटर का ठंडा पानी न पिलाएं

उबले पानी को ठंडा कर पिलाएं या चापाकल-मोटर का ताजा पानी ही बच्चों को दें  

Share On Facebook

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :