मुझे कश्मीर के लोगों की चिंता : गुलाम नबी आजाद बढ़ी मुश्क़िलों में गिरा लालू का परिवार IRCTC टेंडर घोटाला में 2 दिसंबर से सुनवाई क्यों नहीं रोक पा रहा सऊदी अरब खुद पर हमला सोशल मीडिया पर बटोरीं सुर्खियां PM मोदी की 8 ड्रेसिंग स्टाइल ने एक हफ्ते में 5 रुपए महंगा हो सकता है पेट्रोल दिल्ली में सरेआम लड़की का हाईवोल्टेज ड्रामा, ने बचाया हजारों का चालान बागपत: छपरौली के एक गांव में मजदूर की ईटों से पीट-पीट कर हत्या PSA के तहत हिरासत में लिए गए जम्मू-कश्मीर के पूर्व CM फारुक अब्दुल्ला आर्थिक तंगी से गुजर रहे पद्मश्री से सम्मानित 92 साल के संगीतकार वनराज भाटिया आंध्र प्रदेश विधानसभा के पूर्व स्पीकर के.शिव प्रसाद राव ने फांसी लगाकर की आत्म्यहत्या सांसे हो रही कम पेड़ लगाए हम... जरूरत पड़ी तो UP में भी लागू करेंगे NRC: योगी आदित्यनाथ 60 साल का हुआ दूरदर्शन भारत में 2.55 करोड़ बच्चे कुपोषण के चलते बौनेपन का शिकार राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा का शपथ ग्रहण समारोह हुआ संपन्न जम्मू-कश्मीर की हालात पर बोले रंजन गोगोई - जरूरत पड़ी तो खुद जाऊंगा कश्मीर तेजी से नशे के दलदल में फंस रहे भारत के दो बड़े शहर विक्रम लैंडर से संपर्क की उम्मीद अब लगभग खत्म सऊदी अरब में कच्चे तेल की रिफ़ाइनरी पर ड्रोन हमले का दिखा असर एक साथ दोनों हाथ से लिखती है रायपुर की यह लड़की

आखिर क्यों 79 साल की महिला प्रोफेसर बिना बिजली के जी रही है जिंदगी

Khushboo Diwakar 08-05-2019 20:48:06



आज के दौर में बिजली के बिना रहना असंभव है. अगर बिजली थोड़ी देर न हो तो रोजमर्रा के कई सारे काम रुक जाते हैं. जरा सोच कर देखिए अगर आपको कहा जाए कि 1 या 2 दिन बिना बिजली के बिना रहिए तो यकीनन आपका जवाब न में ही होगा. वहीं हम आपको ऐसे महिला के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में कभी बिजली का इस्तेमाल नहीं किया. आइए जानते हैं इस महिला के बारे में ... और वह क्यों बिना बिजली के रह रही हैं.

इस महिला का नाम डॉक्टर हेमा साने हैं. वह पेशे से वह प्रोफेसर रह चुकी हैं. बता दें, 79 सालों से वह बिजली के बिना रह पुणे में रह रही हैं.उनका बिजली का उपयोग न करने के पीछे का कारण प्रकृति और पर्यावरण के प्रति प्रेम है.

उन्होंने बताया कि- "भोजन, घर और कपड़े बुनियादी जरूरतें हैं". जिनकी जरूरत है, लेकिन ऐसा समय था जब बिजली नहीं थी. बाद में बिजली आई. ऐसे में मैं बिना बिजली के रह सकती हूं."

आपको बता दें,  79 साल की डॉक्टर हेमा साने ने सावित्री बाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी से वनस्पति विज्ञान में पीएचडी की डिग्री हासिल की है. वह पुणे के गरवारे कॉलेज में कई साल प्रोफेसर रह चुकी हैं.

हेमा जहां रहती हैं वहा आसपास बहुत सी चिड़ियां, कुत्ते, बिल्लियां हैं.  उनका कहना है वह सभी उनके दोस्त हैं. उन्होंने कहा मैं इनके साथ रहना पसंद करती हूं. साथ ही इनकी देखभाल करती हूं. उन्होंने कहा भले ही लोग मुझे पागल बोलें, लेकिन ये मेरे जीवन जीने का तरीका है. लोग यदि मुझे मूर्ख या पागल बुलाते हैं मुझे फर्क नहीं पड़ता. मैं जैसा रहना चाहतीं हूं वैसे ही रहूंगी." 

बता दें, हेमा साने पुणे के बुधवर पेठ इलाके में एक छोटी सी झोपड़ी में रहती है. उनकी झोपड़ी विभिन्न प्रकार के पेड़ों और पक्षियों से घिरी हुई है. जहां खूब सारे पक्षी रहते हैं. उनकी सुबह पक्षियों के मधुर आवाज के साथ शुरू होती है और उसके घर को रोशनी देने वाले चमकदार लैंप के साथ दिन समाप्त हो जाता है.

डॉ हेमा साने ने को प्रकृति से बेहद प्रेम है. उन्होंने वनस्पति विज्ञान और पर्यावरण पर कई किताबें लिखी हैं, जो पहले से ही प्रकाशित और बाजार में उपलब्ध हैं. आज भी, जब भी वह अपने घर में अकेली होती है तो वह नई किताबें लिखती रहती हैं. पर्यावरण पर उसका अध्ययन ऐसा है कि शायद ही कोई पक्षी या पेड़ होगा जिनके बारे में उन्हें जानकारी न हो. 

हेमा ने बताया कि मुझे कभी बिजली की जरूरत नहीं पड़ी. लोग अक्सर पूछते हैं कि आप बिना बिजली के कैसे रह लेती हैं? वहीं मैं उनसे पूछती हूं कि आप बिजली के साथ कैसे रहते हैं? उन्होंने बताया कि सभी पक्षी मेरे दोस्त हैं. जब भी मैं अपना घर का काम करती हूं तो वे मेरे पास आ जाते हैं. लोग अक्सर मुझसे पूछते हैं कि आप इस घर को क्यों नहीं बेचते, आपको इतने पैसे मिलेंगे! मैं हमेशा कहती हूं कि इन पेड़ों और पक्षियों की देखभाल कौन करेगा? उन्होंने कहा मैं बाहर नहीं जाना चाहतीं. मैं उनके साथ रहना चाहती हूं!


Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :