बजट पेशकश से पहले निर्मला सीतारमण की सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ बैठक दुनिया की सबसे बड़ी गन मार्केट में आज चलती है बड़ी लाइब्रेरी कांग्रेस पार्टी को रास नहीं आया राष्ट्रपति का भाषण, कही ये बात इस वर्ल्ड कप में OPPO दिखाया Reno 10x Zoom के कैमरे का दम बाबा साहेब अंबडेकर मेमोरियल सोसाइटी के अध्यक्ष ने लगायी फांसी 6 सांसद जिनके पदोन्नति के साथ रुतबा हुआ कम मैं खुद नहीं चुनूंगा अपना उत्तराधिकारी पार्टी खुद चुने अगला अध्यक्ष माँ की डाट के बाद 9 वीं कक्षा की छात्रा ने छोड़ा घर , लखनऊ मेल में मिली छात्रा इस वर्ल्ड कप में टीम इंडिया पर चढ़ेगा भगवा रंग मेरा स्टैंड अभी भी वही है, राफेल विमान सौदे में चोरी हुई है: राहुल गाँधी एएन-32 एयरक्राफ्ट के सर्च ऑपरेशन में 6 शव बरामद Big Boss के चाहने वालों के लिए अच्छी खबर, इस तारीख से शुरु हो रहा है शो ये है क्रिकेट का उच्च पड़ाव जहाँ 11 की बजाये 30 प्लेयर करते है फील्डिंग कोर्ट ने खारिज की प्रज्ञा ठाकुर की पेशी से परमानेंट छूट की अर्ज़ी अपने स्टैंड पर अटल राहुल गाँधी कहा राफेल में हुआ था घपला किसानों के लिए अच्छी खबर, सीधा संम्मान निधि योजना से कटेंगे पैसे क्या आपका Gmail अकाउंट हैक हो गया है ? ऐसे करें रिकवर ICC worldcup 2019 : धवन की जगह पंत खेलेंगे मैच , चोट लगने की वजह से हुए बाहर ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर दोगुना करेगी जुर्माना मोदी सरकार दिमाग तेज़ करने के लिए किन-किन चीज़ो का करे सेवन

2 युवाओं की प्रेरणादायी पहल: मंदिरों में चढ़ाए जाने वाले फूलों से बनाई खाद-अगरबत्तियां

Khushboo 20-05-2019 17:49:58



  • शहर के 2 युवाओं की प्रेरणादायी पहल

  • सरकार ने की 2 लाख की मदद 

अहमदाबाद. मंदिरों में भक्तगण भगवान को फूल अर्पण करते हैं। दूसरे दिन इसी फूलों को मंदिर की ओर से पानी में बहा दिया जाता है। कई बार कचरे के साथ दिए गए फूल लोगों के पैरों तले कुचले जाते है। लेकिन अहमदाबाद के दो युवाओं अर्जुन ठक्कर और यश भट्ट ने मंदिर में चढाएं गए फूलों से खाद और अगरबत्ती बनाने का अनोखा स्टार्टअप शुरू किया है।


रोज 1 हजार किलो फूल इकट्ठा किए
हाल ही में इन दोनों युवाओं ने शहर के 40 देरासर और 46 मंदिरों से हर दिन 1 हजार किलोग्राम फूलों का कलेक्शन किया है। विक्टोरिया गार्डन में कॉर्पोरेशन द्वारा प्राप्त छोटी सी जगह में इन फूलों से खाद और अगरबत्ती तैयार की जा रही है। सिल्वर ऑफ कॉलेज में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पढ़ाई पूरी कर जीटी यू के इनोवेशन काउंसिल की मदद से संपूर्ण प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। प्रोजेक्ट की शुरुआत में शहर के 5 बंदरों को पायलेट प्रोजेक्ट में शामिल किया गया था। इसके बाद मंदिरों के ट्रस्टियों और भक्तों का सहयोग मिलने के बाद आने वाले समय में अहमदाबाद के 500 से अधिक मंदिरों को इसमें शामिल किया जाने की उम्मीद इन युवाओं द्वारा की जा रही है। 


फूल कलेक्ट करने के लिए दो गाड़ियां 
अपने प्रोजेक्ट के बारे में अर्जुन ठक्कर ने बताया कि प्रोजेक्ट शुरू किया तब हमारे पास मंदिरों से फूल किस तरह से कलेक्ट किया जाए यह सबसे बड़ी समस्या थी। हमने मेयर और म्यूनिसिपल कमिश्नर से गुहार लगाई तब उन्होंने प्रोजेक्ट देखकर हमारे लिए कचरा एकत्रित करने वाली दो गाड़ियां दिलवाई।इन वाहनों के जरिए मंदिरों में घूमकर फूलों का कलेक्शन किया जा रहा है। इन वाहनों में फूलों के अलावा किसी भी तरह का प्लास्टिक अथवा कचरा एकत्रित नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही सरकार ने भी हमें 2 लाख की सहायता उपलब्ध कराई है। 


उपलब्ध कराई जाएगी अगरबत्ती 
मंदिरों से निकले कचरे से तैयार की गई अगरबत्ती बेचने के लिए शिलाओं को दी जाएगी। मंदिर के आसपास रहने वाली महिला आर्थिक तौर पर कमजोर होंगी, तो उन्हें ये अगरबत्ती बेचने के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। 
हमने 2016 में रिसर्च किया कि मंदिरों से निकलने वाले फूल को नदी में बहाया जाता था। कई बार इसके कारण पाइप चोक अप हो जाते थे। मंदिरों के लिए भी फूलों की निकासी बहुत बड़ी समस्या थी। हम शहर के मंदिरों से 1 हजार किलो फूल कलेक्ट रहे है। कॉर्पोरेशन ने हमें विक्टोरिया गार्डन में एक छोटी सी जगह उपलब्ध कराई है। जहां हम खाद और अगरबत्ती तैयार कर रहे है। 

Share On Facebook

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :