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2 युवाओं की प्रेरणादायी पहल: मंदिरों में चढ़ाए जाने वाले फूलों से बनाई खाद-अगरबत्तियां

Khushboo Diwakar 20-05-2019 17:49:58



  • शहर के 2 युवाओं की प्रेरणादायी पहल

  • सरकार ने की 2 लाख की मदद 

अहमदाबाद. मंदिरों में भक्तगण भगवान को फूल अर्पण करते हैं। दूसरे दिन इसी फूलों को मंदिर की ओर से पानी में बहा दिया जाता है। कई बार कचरे के साथ दिए गए फूल लोगों के पैरों तले कुचले जाते है। लेकिन अहमदाबाद के दो युवाओं अर्जुन ठक्कर और यश भट्ट ने मंदिर में चढाएं गए फूलों से खाद और अगरबत्ती बनाने का अनोखा स्टार्टअप शुरू किया है।


रोज 1 हजार किलो फूल इकट्ठा किए
हाल ही में इन दोनों युवाओं ने शहर के 40 देरासर और 46 मंदिरों से हर दिन 1 हजार किलोग्राम फूलों का कलेक्शन किया है। विक्टोरिया गार्डन में कॉर्पोरेशन द्वारा प्राप्त छोटी सी जगह में इन फूलों से खाद और अगरबत्ती तैयार की जा रही है। सिल्वर ऑफ कॉलेज में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पढ़ाई पूरी कर जीटी यू के इनोवेशन काउंसिल की मदद से संपूर्ण प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। प्रोजेक्ट की शुरुआत में शहर के 5 बंदरों को पायलेट प्रोजेक्ट में शामिल किया गया था। इसके बाद मंदिरों के ट्रस्टियों और भक्तों का सहयोग मिलने के बाद आने वाले समय में अहमदाबाद के 500 से अधिक मंदिरों को इसमें शामिल किया जाने की उम्मीद इन युवाओं द्वारा की जा रही है। 


फूल कलेक्ट करने के लिए दो गाड़ियां 
अपने प्रोजेक्ट के बारे में अर्जुन ठक्कर ने बताया कि प्रोजेक्ट शुरू किया तब हमारे पास मंदिरों से फूल किस तरह से कलेक्ट किया जाए यह सबसे बड़ी समस्या थी। हमने मेयर और म्यूनिसिपल कमिश्नर से गुहार लगाई तब उन्होंने प्रोजेक्ट देखकर हमारे लिए कचरा एकत्रित करने वाली दो गाड़ियां दिलवाई।इन वाहनों के जरिए मंदिरों में घूमकर फूलों का कलेक्शन किया जा रहा है। इन वाहनों में फूलों के अलावा किसी भी तरह का प्लास्टिक अथवा कचरा एकत्रित नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही सरकार ने भी हमें 2 लाख की सहायता उपलब्ध कराई है। 


उपलब्ध कराई जाएगी अगरबत्ती 
मंदिरों से निकले कचरे से तैयार की गई अगरबत्ती बेचने के लिए शिलाओं को दी जाएगी। मंदिर के आसपास रहने वाली महिला आर्थिक तौर पर कमजोर होंगी, तो उन्हें ये अगरबत्ती बेचने के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। 
हमने 2016 में रिसर्च किया कि मंदिरों से निकलने वाले फूल को नदी में बहाया जाता था। कई बार इसके कारण पाइप चोक अप हो जाते थे। मंदिरों के लिए भी फूलों की निकासी बहुत बड़ी समस्या थी। हम शहर के मंदिरों से 1 हजार किलो फूल कलेक्ट रहे है। कॉर्पोरेशन ने हमें विक्टोरिया गार्डन में एक छोटी सी जगह उपलब्ध कराई है। जहां हम खाद और अगरबत्ती तैयार कर रहे है। 

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